बुधवार, 14 मई 2014

आ अब लौट चले - राज कपूर का गाना - चोर भैया के लिए /

संस्कृत भाषा का धर्मशास्त्र में लिखा है  जो ईमानदारी, मेह्नत से धन कमाता है  वही मनुष्य पवित्र है /
ईमानदारी का धन फलता है /

दान तक लेने को मना किया है / भूख से दुखी होने पर भी दान ना ले / दान लेने मे भी नियम है / उन नियम का पालन करने वाला ही दान ले सकता है / दान का धन परेशांनी देता है / फलता नही है /

चोरी, डकैती, लूटपात, छीनाझपटी करने को साफ साफ  मना किया है / कारण है कि धन तो हाथ आ जायेगा पर वीमारी, नशाबर्ती देता है / चोरी का धन फलता नहीं है / आने वाली पीढ़ी व्याज सहित चुकाती  है / आने बाली पीढ़ी बिगङ जाती है /  खुद  तक को अगले जन्म में व्याज सहित चुकाना पड़ता है /

एक उदाहरण देता हू / पुराने समय मे अंग्रेजो ने भारत को लूटा, व्यपार, खेती बिगाड़ी / रोजगार छीना /
आज अंग्रेजो के यहाँ पर बेरोजगारी बढ़ रही है / भारतीय देश मे रहकर अंग्रेजो क़ी नौकरी कर  रहे है /
कॉल सेंटर पर लाखों भारतीय कार्य कर रहे है /  बिदेशो मे भारतीय नौकरी , व्यवसाय सफलता से कर रहे है /
भारतीय डॉक्टर, इंजिनीयर, विज्ञानिक  छाए है अंग्रेजो के देश मे / अंग्रेजो के बच्चे पढ़ने मे कमजोर निकल रहे है / इस उदाहरण से पता चलता है कि कितना बुरा नतीजा होता है चोरी लूटपाट का / अपने बच्चो को चुकाना पड़ता है व्याज सहित /

बाइबिल में लिखा है/   पिता के पापो की सजा आगामी सात पीढियो को भुगतनी होती है /

हिन्दू धर्मशास्त्र में लिखा है /जो पाप स्वय पर नहीं भुगतता, वह पुत्रो, पोत्रो पर पड़ता है / पाप की सजा जरूर मिलती है /

अब भी मौका है / तुरन्त चोरी, लूटपाट का धन, संपत्ति बापस कर दो / धन खर्च हो गया हो तो मेंहनत से कमा कर बापस कर दो / ईमानदारी, मेंहनत से धन कमाऔ/ इससे आपकी अगली पीढ़ी फलेगी और पनपेगी /


जीने दो
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